E20 पेट्रोल पर सरकार और ऑटो उद्योग का भरोसा: व्यापक परीक्षण के बाद ही देशभर में लागू, पुरानी गाड़ियों को लेकर भी विशेषज्ञों ने दी राहत

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Government and auto industry confident in E20 petrol

E20 एक स्वच्छ, उच्च-प्रदर्शन वाला ईंधन
पुरानी गाड़ियों पर कड़े परीक्षण के बाद ही बढ़ाया गया इथेनॉल: ऑटो विशेषज्ञ

 

नई दिल्ली। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दिल्ली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें ऊर्जा और ऑटो सेक्टर के विशेषज्ञों ने E20 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम पर जानकारी दी। बताया गया कि इथेनॉल मिश्रण एक सोच-समझकर, वैज्ञानिक तरीके से उठाया गया कदम है और वाहन मालिकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को *ईआईएल की पूर्व CMD वर्तिका शुक्ला, टोयोटा के विक्रम गुलाटी, मारुति के राहुल भारती, हीरो मोटोकॉर्प के अशुतोष वर्मा, TVS के प्रसाद कृष्णन, हुंडई के पुनीत आनंद और बजाज ऑटो के मनप्रीत सिंह बिंद्रा* ने संबोधित किया।

*टोयोटा* के विक्रम गुलाटी ने कहा कि ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा रेगुलेटेड सेक्टर है। गाड़ियां बाजार में आने से पहले और बाद में स्वतंत्र, ग्लोबल मान्यता प्राप्त एजेंसियों से टेस्ट होती हैं। इथेनॉल 1900 के शुरुआती सालों से और फॉर्मूला रेसिंग में भी इस्तेमाल हो रहा है। E20 पर जाने का फैसला पुरानी गाड़ियों पर गहन परीक्षण के बाद ही लिया गया। उन्होंने साफ किया कि हाल में शुरू हुए *E85* पंप सिर्फ Flex-Fuel गाड़ियों के लिए हैं।

*मारुति सुजुकी* के राहुल भारती ने ग्राहकों को "भरोसे का बयान" दिया। उन्होंने कहा कि E10 के लिए बनी गाड़ियों को सभी पैमानों पर E20 से टेस्ट किया गया है। FY 2025-26 में मारुति ने 2.84 करोड़ गाड़ियां सर्विस कीं, जिनमें 1.5 करोड़ से ज्यादा 3 साल से पुरानी थीं और E20 सर्टिफाइड नहीं थीं। फील्ड से जंग, घिसाव या पार्ट्स की लाइफ घटने की कोई शिकायत नहीं आई।

माइलेज पर उन्होंने कहा कि E20 की कैलोरी वैल्यू E10 से करीब 3 से 3.5% कम है। यानी 20 kmpl वाली गाड़ी में लगभग 0.6 kmpl का फर्क आएगा। लेकिन टायर प्रेशर, ड्राइविंग पैटर्न और मेंटेनेंस से माइलेज में इससे कहीं ज्यादा फर्क आता है। ये मामूली नुकसान बेहतर एक्सीलरेशन, बेहतर एंटी-नॉकिंग और कम प्रदूषण से पूरा हो जाता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि गाड़ियां E20 से कहीं ज्यादा फैक्टर ऑफ सेफ्टी के साथ बनती हैं। बाजार में अभी कोई रेट्रोफिटमेंट किट नहीं है, ये सिर्फ R&D में है।

*ईआईएल* की वर्तिका शुक्ला ने कहा कि E20 कार्यक्रम सभी हितधारकों से चर्चा के बाद बना है। ये BIS स्टैंडर्ड और BS-VI उत्सर्जन मानदंडों के अनुरूप है और देशभर में समान रूप से उपलब्ध है।

*हीरो मोटोकॉर्प* के अशुतोष वर्मा ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी 2-पहिया कंपनी के सर्विस डेटा में E20 से ज्यादा खराबी का कोई मामला नहीं मिला।

पैनल ने अंत में E20 कार्यक्रम पर सामूहिक भरोसा जताया और उपभोक्ताओं के सवालों का जवाब देने की प्रतिबद्धता दोहराई।